हमला और उसकी शुरुआत  22 अप्रैल को बैसरन घाटी, पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हमले के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सुरक्षा बलों की तैनाती और सर्च ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए।

Slide 2: 2900 लोग हिरासत में  2900 लोगों को PSA और प्रिवेंटिव डिटेंशन में लिया गया जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों से इन सभी को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया है।

NIA की सक्रियता  NIA की 5 टीमें जांच में जुटीं NIA सबसे आधुनिक तकनीक के साथ 360-डिग्री जांच कर रही है। बैसरन और पहलगाम में मोबाइल डेटा व डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।

4: 250 से अधिक लोगों से पूछताछ  250+ लोगों से पूछताछ, 7 संदिग्धों पर नज़र जांच एजेंसी सात लोगों से बार-बार पूछताछ कर रही है, जिनमें एक ज़िपलाइन ऑपरेटर भी शामिल है जिसे अभी तक क्लीन चिट नहीं मिली है।

जम्मू-कश्मीर हाई अलर्ट पर  सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में पुलिस, सेना और CRPF हर गतिविधि पर नज़र रख रही हैं। दोबारा हमले की संभावना को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

क्या है PSA और प्रिवेंटिव डिटेंशन?  PSA और प्रिवेंटिव डिटेंशन का मतलब PSA के तहत बिना मुकदमे के किसी को हिरासत में लिया जा सकता है। यह जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस्तेमाल होता है।